
पापा का घुप्ली है वो...
माँ की आँख का तारा है....
शब्दों में नहीं बयान कर सकते कितना प्यारा है...
बहने जान छिड़कती हैं....
दादी कलेजे से लगाए नहीं थकती है.....
दादा की जान है वो....
अरे बताना भूल गए....
बहुत ही शैतान भी है वो.....
मामा-मामी का खिलौना है....
मामा बाईक पर न घुमाये तो दहाड़े मार मार कर रोना है.....
आजकल नाना- नानी नौकर हैं.....
चलो काँधे पर घुमाओ.....
पीछे पड़ा हाथ धोकर है....
हे ईश्वर, अब बस आपसे यही प्रार्थना है....
उसे एक अच्छा इंसान बनाना है....
उसका जीवन खुशियों से सजाना है...!
माँ की आँख का तारा है....
शब्दों में नहीं बयान कर सकते कितना प्यारा है...
बहने जान छिड़कती हैं....
दादी कलेजे से लगाए नहीं थकती है.....
दादा की जान है वो....
अरे बताना भूल गए....
बहुत ही शैतान भी है वो.....
मामा-मामी का खिलौना है....
मामा बाईक पर न घुमाये तो दहाड़े मार मार कर रोना है.....
आजकल नाना- नानी नौकर हैं.....
चलो काँधे पर घुमाओ.....
पीछे पड़ा हाथ धोकर है....
हे ईश्वर, अब बस आपसे यही प्रार्थना है....
उसे एक अच्छा इंसान बनाना है....
उसका जीवन खुशियों से सजाना है...!